बाबरी मस्जिद गिराए जाने से जुड़े फैसले पर पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी जहर उगलना शुरू कर दिया है।

करीब 28 साल पुराने बाबरी विध्वंस मामले में बुधवार को सीबीआई की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपियों को रिहा कर दिया। कोर्ट के इस फैसले को लेकर देश भर से राजनेताओं और आमलोगों की टिप्पणियां आ रही हैं। इस बीच बाबरी मस्जिद गिराए जाने से जुड़े फैसले पर पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी जहर उगलना शुरू कर दिया है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि अयोध्या में ऐतिहासिक मस्जिद गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों को बरी करना शर्मनाक है और पाकिस्तान इसकी निंदा करता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “जिस पूर्वनियोजित रथ यात्रा और बीजेपी, विहिप और संघ परिवार के नेताओं के द्वारा भीड़ को उकसाने की वजह से मस्जिद का ढांचा गिराया गया, जिस आपराधिक कृत्य का टीवी पर लाइव प्रसारण हुआ, उस पर फैसला आने में तीन दशक लग गए। ये दुनिया को साबित करता है कि हिंदुत्ववाद से प्रभावित भारतीय न्यायपालिका एक बार फिर न्याय देने में असफल रही।”

 

बीजेपी और संघ पर हमला 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-बीजेपी का शासन और संघ परिवार भारत में मस्जिदों के ढहाने और तोड़फोड़ की घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं। वे ऐसा नियोजित तरीके से कर रहे हैं जैसा गुजरात और दिल्ली दंगे में भी हुआ।” पाकिस्तान ने कहा, “बाबरी मस्जिद के ढांचा गिराए जाने की वजह से बीजेपी की अगुवाई में सांप्रदायिक हिंसा भड़की जिससे हजारों जानें गईं। अगर दुनिया के कथित सबसे बड़े लोकतंत्र में न्याय की जरा भी छाया होती तो आपराधिक कृत्य के बारे में सार्वजनिक रूप से शेखी बघारने वाले लोगों को बरी नहीं किया गया होता।”

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सभी 32 आरोपी बरी

बता दें कि बुधवार को सीबीआई की एक अदालत ने अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विवादित ढांचे को गिराए जाने को लेकर अपना अहम फैसला सुनाया है। करीब तीन दशक पुराने इस मामले में देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जैसे कई बड़े नेता आरोपी थे। विेशेष CBI अदालत ने मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। सभी आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने अपनी राय में कहा है कि जो भी वहां लाखों कार सेवक इकट्ठा हुए थे वे वहां पर सुप्रीम कोर्ट के कार सेवा के आदेश के बाद इकट्ठा हुए थे

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