Rajinikanth Dadasaheb Phalke Award: सुपरस्टार रजनीकांत को इस साल के दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने इसकी घोषणा की है.
नई दिल्ली.  दक्षिण फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ((Rajinikanth)  को फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान ‘दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड ((51st Dadasaheb Phalke Award) मिलेगा. केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. है. 71 साल के रजनीकांत को 51वां दादा साहब फाल्के अवॉर्ड 3 मई को दिया जाएगा.कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस साल दादा साहेब फाल्के पुरस्कारों का ऐलान देरी से हुआ है. बीते ही हफ्ते राष्ट्रीय पुरस्कारों की भी घोषणा हुई थी. दादा साहेब फाल्के भारतीय सिनेमा की दुनिया की प्रतिष्ठित सम्मान है.

इस बाबत एक ट्वीट में जावड़ेकर ने कहा – ‘भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे महान अभिनेताओं में से एक के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2019 की घोषणा करने पर बहुत खुश हूं. अभिनेता, निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में उनका (रजनीकांत) योगदान प्रतिष्ठित रहा है. मैं ज्यूरी आशा भोसले, सुभाष घई, मोहनलाल, शंकर और बिस्वास चटर्जी का शुक्रिया अदा करता हूं.’

रजनीकांत अपनी दमदार एक्टिंग के साथ ही अपनी अलग स्टाइल के लिए जाने जाते हैं. उनका सिगरेट को फ्लिप करने का अंदाज, सिक्का उछालने का तरीका और घूमाकर चश्मा पहनने का स्टाइल लोगों को खूब पसंद आता है. फैन्स के बीच एक बात खूब चर्चा में रहती है कि जो काम कोई नहीं कर सकता, वो थलाइवा यानी रजनीकांत कर सकते हैं. देश ही नहीं विदेशों में भी रजनीकांत के स्टाइल की कॉपी की गई.

READ:  गोविंदा के आरोपों के बीच कृष्णा की पत्नी कश्मीरा ने बेटे के लिए लिखा पोस्ट- तुम्हें प्रोटेक्ट करना मेरी ड्यूटी है...

बेंगलुरू से ताल्लुक रखते हैं रजनीकांत
रजनीकांत का असली नाम शिवाजी है. उनका जन्म 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरू के मराठी परिवार में हुआ था. गरीब परिवार में जन्मे रजनीकांत ने अपनी मेहनत और कड़े संघर्ष की बदौलत टॉलीवुड में ही नहीं बॉलीवुड में भी काफी नाम कमाया. साउथ में तो रजनीकांत को थलाइवा और भगवान कहा जाता है. राव गायकवाड़ है.

‘अपूर्वा रागनगाल’ थी पहली फिल्म  रजनीकांत ने 25 साल की उम्र में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. उनकी पहली तमिल फिल्म ‘अपूर्वा रागनगाल’ थी. इस फिल्म में उनके साथ कमल हासन और श्रीविद्या भी थीं. 1975 से 1977 के बीच उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में कमल हासन के साथ विलेन की भूमिका ही की. लीड रोल में उनकी पहली तमिल फिल्म 1978 में ‘भैरवी’ आई. ये फिल्म काफी हिट रही और रजनीकांत स्टार बन गए.

इन पुरस्कारों से हो चुके सम्मानित
रजनीकांत को 2014 में 6 तमिलनाड़ु स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है. इनमें से 4 सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और 2 स्पेशल अवॉर्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर के लिए दिए गए थे. उन्हें साल 2000 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. 2014 में 45वें इंटरनेश्नल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में रजनीकांत को सेंटेनरी अवॉर्ड फॉर इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर से भी सम्मानित किया गया था.

ऐन वक्त पर रद्द कर दिया राजनीति में आने का प्लान
रजनीकांत तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में भी कदम रखने वाले थे, लेकिन बीते साल दिसंबर में उन्होंने फैसला किया था कि वह चुनावी राजनीति से बाहर ही रहेंगे. साल 2018 में यह पुरस्कार सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और साल 2017 में भूतपूर्व बीजेपी नेता और अभिनेता विनोद खन्ना को दिया गया था.

READ:  संगीतकार की महाराष्ट्र सरकार से अपील- 'हमें भीख नहीं, लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट की अनुमति दें'

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here