ये हमला कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा के गांव के पास हुआ है और इसके पीछे उसी का हाथ बताया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर (Chhattisgarh Naxal attack) में शनिवार को हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं और 31 घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. शहीद हुए जवानों में DRG के 6, STF के 6, कोबरा बटालियन के 9 और बस्तर बटालियन का एक जवान शामिल बताया जा रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक नक्सली बड़ी संख्या में घात लगाकर बैठे थे और UGNL, रॉकेट लांन्चर, इंसास और AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों से लैस थे. ये मुठभेड़ सुबह करीब 12.30 बजे शुरू हुई और शाम करीब 5.30 बजे 4 घंटे तक चलती रही. अमित शाह सोमवार को छत्तीसगढ़ रवाना भी हो गए हैं और घटनास्थल का दौरा भी करेंगे.

बस्तर IG पी सुंदरराज ने बताया है कि नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों की टीम पर हमला किया था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फोन कर मामले पर चर्चा की है. शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि जवानों की शहादत को भूला नहीं जाएगा और नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान में पहले के मुकाबले तेजी लाई जाएगी. शाह ने कहा, केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस लड़ाई को अवश्य जीतेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से जो भी आवश्यक मदद होगी वो राज्य सरकार को दी जाएगी.

कहां हुआ हमला?

मिली जानकारी के मुताबिक CRPF की कोबरा, बस्तरिया बटालियन, DRG और STF के करीब 2000 जवान तर्रेम क्षेत्र के सिलगेर के जंगल में जोनागुड़ा के पास बीते करीब 2 दिनों से नक्सल विरोधी अभियान के तहत ऑपरेशन पर निकले हुए थे. शनिवार सुबहों जवानों की एक टुकड़ी को जानकारी मिली कि जोनागुड़ा के पास बड़ी संख्या में नक्सली छुपे हुए हैं. इसी के बाद एक प्लान बनाया गया और फ़ोर्स को भेजा गया था. अधिकारियों को जानकारी मिली कि बड़ी संख्या में नक्सली हैं इसलिए जवानों की अन्य टुकड़ियों को भी इसी इलाके में भेजा गया था.

READ:  भारत सरकार जल्द कर सकती है एक और राहत की घोषणा, जानिए इसमें क्या होगा आपके लिए खास

कैसे हुआ हमला?

दरअसल नक्सली छुपे होने की भ्रामक सूचना खुद नक्सलियों ने ही सिक्योरिटी फ़ोर्स को जंगल के उस इलाके में बुलाने के लिए फैलाई थी जहां वे घात लगाकर बैठे थे. जानकारों ने बताया कि नक्सली U शेप में घात लगाकर बैठे थे. जवान जैसे ही इन इलाके में पहुंचे नक्सलियों ने चारों तरफ से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. नक्सली पूरी तैयारी करके आए थे और करीब 5 घंटे तक दोनों तरफ से फायरिंग होती रही.

नक्सली ऊपर के इलाकों में छुपे थे इसलिए जवानों के लिए उन्हें निशाना बनाना बेहद मुश्किल था. इसे देखकर जवानों की टुकड़ी ने एक गांव की तरफ जाने की कोशिश की लेकिन नक्सलियों ने वहां भी उनका पीछा किया और रास्ते में ही जवानों को घेर लिया. नक्सलियों ने न सिर्फ जवानों को निशाना बनाया बल्कि उनके हथियार और अन्य सामान भी लूट लिए.

नक्सली कमांडर के गांव के पास हुआ हमला

इस हमले के पीछे नक्सली कमांडर हिडमा का हाथ बताया जा रहा है. जवाबी हमले में 9 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की गयी है. बस्तर IG पी सुंदरराज ने बताया कि जहां मुठभेड़ हुई है वह इलाका झीरम हमले के मास्टरमाइंड नक्सली कमांडर हिडमा का गांव है. हमले में शामिल नक्सली उसी के माओवादी ग्रुप के सदस्य थे. उन्होंने आगे कहा कि घटनास्थल पर 250 से ज्यादा नक्सली मौजूद थे जिन्होंने जवानों को चारों तरफ से घेर लिया था. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक कुलदीप सिंह भी रायपुर पहुंच गए हैं और पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं.

READ:  NCB ने दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश को भेजा समन, उनका कोई पता नहीं

नलिन प्रभात पर उठे सवाल

IG नक्सल ऑपरेशन नलिन प्रभात इस हमले के बाद फिर सवालों के घेरे में हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 11 साल पहले CRPF के 76 जवान नक्सली हमले में शहीद हुए थे और तब CRPF के DIG नलिन प्रभात ही थे. इसके अलावा सिर्फ एक साल पहले ही 21 मार्च को सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके में भी नक्सली हमला हुआ था जिसमें 17 जवान शहीद हो गए थे. विपक्ष ने सवाल उठाया है कि लगातार नाकाम साबित होने के बावजूद नलिन प्रभात को यहां बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here