अमरावती की जिला और सत्र अदालत ने इस मामले में महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री के ड्राइवर सहित 3 अन्य लोगों को भी दोषी माना. अदालत ने उन्हें तीन महीने की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. जज उर्मिला जोशी ने प्रत्येक पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.

महाराष्‍ट्र की एक अदालत ने गुरुवार को एक पुलिसकर्मी की पिटाई के कई साल पुराने मामले में महाराष्ट्र की मंत्री यशोमति ठाकुर को सजा सुनाई है. अदालत ने पुलिसकर्मी की पिटाई के आठ साल पुराने मामले में मंत्री यशोमति ठाकुर को तीन महीने सश्रम कारावास और 15,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अमरावती की जिला और सत्र अदालत ने इस मामले में महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर के ड्राइवर सहित 3 अन्य लोगों को भी दोषी माना. अदालत ने उन्हें तीन महीने की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. जज उर्मिला जोशी ने प्रत्येक पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.

सेशन कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस नेता ठाकुर और तीन अन्य को जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में एक महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. जज उर्मिला जोशी ने वन-वे लेन पर वाहन रोकने पर पुलिसकर्मी की पिटाई करने के संबंध में मंत्री ठाकुर, उनके ड्राइवर और दो काम करने वालों को दोषी करार दिया है.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह घटना अमरावती जिले के राजापेठ थाना क्षेत्र के चूनाभट्टी इलाके में 24 मार्च, 2012 को शाम करीब सवा चार बजे हुई.

 

 

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