कोरोना के कहर से घरेलू शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है. कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में गिरावट बढ़ी और कारोबार के दौरान सेंसेक्स (Sensex) 1400 अंकों तक टूट गया.

देश में कोरोना नए मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. भारत में पहली बार एक दिन में कोरोना के 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं. कोरोना के कहर से घरेलू शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है. कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में गिरावट बढ़ी और कारोबार के दौरान सेंसेक्स (Sensex) 1400 अंकों तक टूट गया. वहीं, निफ्टी 14500 के नीचे फिसल गया. बता दें कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए कुछ राज्यों ने प्रतिबंध लगाए हैं. इसने देश की इकोनॉमी में रिकवरी को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा है. इसके चलते बाजार में भारी बिकवाली नजर आ रही है.

सेंसेक्स की 30 में से 27 शेयरों में गिरावट है. इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस आज के टॉप लूजर्स हैं. वहीं इंफोसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं. दिग्गज शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.83 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. जबकि बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.92 फीसदी लुढ़का है.

निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

कोरोना के बढ़ते मामलों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. बाजार में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. 1 अप्रैल को बीएसई लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 2,07,26,401.79 करोड़ रुपए था, जो आज 3,94,529.64 करोड़ रुपए घटकर 2,03,31,872.15 करोड़ रुपए हो गया. इस तरह, शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों के करीब 4 लाख रुपए डूब गए.

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बैंकिंग सेक्टर्स में बड़ी गिरावट

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें को निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में बड़ी गिरावट नजर आ रही है. निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.5 फीसदी टूटा है. इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा भी गिरे हैं.

केवल निफ्टी आईटी इंडेक्स में तेजी का रुख है. कारोबार के दौरान आईटी इंडेक्स 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है.

आज से MPC की बैठक

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन की बैठक सोमवार यानी 5 अप्रैल से शुरू हो रही है. साथ ही सरकार ने केंद्रीय बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को 4 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया है. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रख सकता है. एक्सपर्ट्स कहना है कि एमपीसी द्वारा अपने नरम नीतिगत रुख को जारी रखे जाने की उम्मीद है. एमपीसी की बैठक के नतीजों की घोषणा 7 अप्रैल को होगी.

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